Yeh kahan.. agaye hum part 1
हर इंसान की imotion अलग होता हे, हर इंसान की प्यार करने की तरीका अलग होता हे, वैसे ही हर कोई प्यार भी अपनी अंदाज से जताते हैं, कभी कभी ,किसी किसी की अंदाज़ ऐसा होता हे प्यार जताने की , तो सामने वाला समझ भी नहीं पता है ... so, कुछ प्यार की कहानी अधूरी भी रह जाती हे।
मुसीबत सब पर अति हे, कोई बिखर जाता हे तो कोइ निखर जाता हे।
कहानी Asthitwa Kashyap की हे, दिखने में दुबला पतला सा एक cute image का लड़का। उसका सांत स्वभाब को जेसे चेहरे से पढ़ लेगा कोई भी। किसी किसी की simple से personality भी attract कर जाता है, Asthitwa का charm भी ऐसा ही है। ।वो एक lower middle class family से belongs करता हे। Village area से हे। Area topper हे। हर subject में top करता था । knowledge इतना था कि अपनी seniors को भी पढ़ा लेता था। बाहर सब उसको पसंद करते थे, but अपना परिबार वालों उसको प्यार नहीं करते थे। एक बड़ी बेहेन को छोड़ कर, घर का हर एक इंसान उसे नफरत करता था। सबसे ज्यादा उसका पापा उसको नफरत करते थे। वो Asthitwa को सामने देखना भी पसंद नहीं करते थे।
Asthitwa अपनी किस्मत से लड़ने का सोच कर उसने एक फैसला लिया और खुद से कहा कि "ओये मेरे किस्मत चल आपनी अस्थित्व बदलने की एक कोशिश तो करे......फिर उसकी किस्मत ने उसको एक बात बोली, जो बस वो महसूश किआ ,...
तन्हा बैठकर न देख हाथों की लकीरे अपनी, उठ बाँध कमर और लिख दे खुद तकदीर अपनी"....
इसीलिए उसको Higher स्टडी के लिए Utkal University, odisha आना पडा। बाहोत silent रहने वाला इंसान था। परिबार वालों का नफरत को देखना ना पड़े, इसीलिए वो अपना state से बाहर का University चुना था पढ़ने के लिए। बस अपनी दीदी को छोड़ के किसी को बताया भी नहीं था वो बाहर पढ़ने आने वाला हे। ओडिशा आके वो थोड़ा relax feel कर रहा था। यहां अब family का कोई नहीं था जो हर बात पे उसका insult करे ।
कॉलेज join करने को 8 month होगया था। मगर उसका बस एक ही friend बना है अब तक। वो भी एक मुस्लिम लड़का Rahat। वो दोनों हमेसा एक साथ घूमते थे। clg में वो दोनों बस एक दुशरे के साथ time spend करते थे। एक साथ library, canteen, Market, हर जगह वो एक साथ। वो University के पास ही एक Single room rent में लेके रहता था। Hostel मिल जाता उसको, but वो बाहर रेहना चाहता था क्यों कि , वो coaching class देके के अपने लिए कुछ पैसा कमाना चाहता था। वक़्त के साथ अब Students और professor's को पता चल गया था कि ये Briliant student है। अब वो अपना accomodation का खर्चा उठा लेता था। बाहोत सारे students अब उसके link में थे। 1hr का एक क्लास का वो Rs 300/- चार्ज करता था। जो कि बाहर के lectures से कम था। उसका rules था, वो एक student को बस month में 8 classes देगा। ऐसे में वो ज्यादा students को पढ़ा पाए। और सब का पढ़ाई सही तरीका से करवा पाएं।
college में हर जगाह उसकी बातें और अच्छाई के बारे में बातें होने लगा था। बाहोत सारे poor family से bolongs करने वाले students उसके पास आते थे classes के लिए।
वो 9pm तक classes देता था। फिर अपना dinner बना के अपना कुछ study खत्म करता था। फिर वो 2am को सोता था। उसका daily routeen येहि था।।
एक दिन रात के 9:30pm को उसका door bell बजा, door open किआ तो, उसने देखा Rahat के साथ उसका clg का एक student vikrant आया है। दोनों room के अंदर आये। Asthitwa , Vikrant को जनता था। उसको याद हे, जिस दिन वो University में entry लिया था, ... seniors उसका raging कर रहे थे उस seniors के साथ Vikrant भी था, जब Asthitwa का मज़ाक बनाया जा रहा था, Vikrant बाहोत हस रहा था। Vikrant senior नहीं था, but उसकी उठना बैठना हमेसा seniors के साथ होता था।
Vikrant दिखने मे बहोत ज्यादा handsome है। zym physic के साथ fair skin के साथ clean shave की चमक किसी को भी attrract कर लेगा। और उसकी चाल ढाल पे अमीरी वाला personality भी दिख जाता है। stylish कपड़े और shoe के साथ हर पहनावा से अमीरी झलकता हे।
University में कितनी बार वो एक दुशरे को मिले हैं, but कभी एक दुशरे को उतना notice नहीं किया करते थे। उन दोनों की राह और मंजिल ही जेसे अलग था।
अब वो Rahat को साथ लेके यहाँ क्यों आया हे, Asthitwa ये वो सोच रहा था....। Rahat बोला, यार बाहर बाहोत ठंड है,cofee पिला।Asthitwa ने cofee बनाया। और दोनों को दिआ। जब वो Vikrant को कॉफी दिया, तब वो एक दुशरे को सही से देखे।
Rahat बोला, Ashu तुमसे Vikrant को कुछ बात करनी है।Asthitwa बोला, क्या है बोलो....
Vikrant ने कहा Asthitwa मैं कभी सोचा नहीं था कि तुम से कभी ऐसे मिलना पड़ेगा। Actualy, में study मैं बाहोत पीछे रह गया हूं। सायद मेरा ही गलती है, मैं कभी serious नहीं हुआ हूँ अब तक। और कभी ऐसा कोई साथी भी नहीं मिला जो मुझे study करने को force करता। मैं बाहोत हल्के से ले लिया था ज़िंदगी को। But अब मुझे लगता है मुझे खुद को सुधारना पड़ेगा।
Asthitwa ने बोला, जब जागो तब सबेरा। तुम अगर study में focus करोगे तो अब भी देर नहीं हुआ हे।सुरवात के लिए हर दिन सर्बश्रेष्ठ होता है।मुझे खुसी हे तुम ज़िंदगी को समझ रहे हो।
Vikrant :Den, मुझे तुम्हारा help चाहिये । क्या आप मुझे help करोगे ?
Asthitwa, बोला आप मुझसे क्या help चाहते हो ?
Vikrant: क्या आप मुझे tution दोगे ? मैं तुम से पढ़ना चाहता हूं। हर कोई बोलता है आप कितनी आसान तरीका से पढाते हो। मुझे lecturer की complicated बातें समझ मे नहीं आता हे।
Asthitwa बोला: सच कहूँ तो में तुमको नहीं पढा पाऊंगा। मेरे पास Time नहीं है तुम्हारे लिये। मेरा 3pm से 9pm तक पुरा time reserve हे। और फिर मैं अपना dinner और अपना study के लिए bzy हो जाता हूं। I am realy sorry.
Rahat बोला, यार Ashu please थोड़ा time निकल लेता ना। फिर Asthitwa बोलता हे, तुझे पता हे ना, में time निकल ही नहीं पाऊंगा। हम साथ मे बाहर कब घूमने गए थे ?bcz मे free नहीं हो पाता हूँ।
Vikrant बोला , its okey Rahat.. चलो चलते हें। thank u Asthtwa. Cofee बाहोत अछि थी।
फिर वो दोनों बाहर आये by बोलके Asthitwa को।
बाहर आते हुए, Vikrant ने Rahat को बोला सायद वो मुझे पढ़ाना नहीं चाहता, वरना week में 2hr मेरे लिए वो निकल सकता था।
Rahat बोला, तुम येसे किसी को judge मत करो, जब तुम उसको सही से जानते भी नहीं हो। वो कैसा हे , उसका ज़िंदगी केसी हे , उसका pain, उसका situation तुम कभी समझ नहीं पाओगे। बस, इतना जानलो उसका ज़िंदा रहना भी उसकी एक मजबूरी है। अगर उसने time manage कर पाता, तो ज़रूर करता। वो ये नहीं चाहता कि ज्यादा पैसे के चलते किसी और कि पढ़ाई भी hamper ना हो । मैं बस तुम्हारे लिए उसको convince करने की कोशिश कर रहा था, जब कि मुझे पता हे उसके पास time नहीं हे। वो खुद के लिए time बस university में ही निकलता हे। but अगर वो time निकाल पायेगा, वो ज़रूर तुम्हे contact करेगा।
Vikrant बोला, काश ऐसा ही हो।
-------------------Next Day 9.30pm---------------
Asthitwa का room का door bell बजता हे, उसने दरवाजा खोला तो देखा सामने एक बाहोत अच्छा personality का इंसान suit पहने हुए आंखों में glass पहने हुए खड़े हुए हैं। बाहोत ज्यादा smart personality 40yr के होंगे सायद। उन्होंने बोले, good evng
I am Mr Vikram Das, मुझे आपसे बात करनी हे।
Asthitwa ने बोला Sir सायद आप गलत घर आये हैं। मेरे नाम Asthitwa Kashyap , और I am from Chhatisgarh. Now Sudent of Utkal University.
Vikram G बोले, मैं बिलकुल सही पते पे आया हूँ। अंदर आसकता हूँ क्या ??
Asthitwa बोला, आइये Sir, but आप...???
Vikram G बोले, सुना हूं आप Cofee बाहोत अछि बनाते हो, क्या मुझे भी एक cup cofee मिल सकती हे ??
हां Sure Sir..
Cofee पीने के बाद, Thanks for d cofee, it was really tasty.
Asthitwa ने बोला, Sir आप को कुछ काम था मेरे से ?
Vikram G ने बोले, मे Vikrant का Father हूं।
मैं इसीलिए आया हूँ कि, तुम से request करने की तुम vikrant को tution पढ़ाओ । any time, when u free. वो खुद चाहता है कि बस तुम से ही पढ़े।मुझे पता हे, वो किसी और से नहीं पढ़ पायेगा। और तुम्हारे संगत में ही रहके उसे एक सही दिशा मिल जाएगा। उसका future को सही दिशा सायद तुम ही देसक्ते हो। otherwise वो एक अमीर बाप का बिगड़ा हुआ बेटा बन के रह जायेगा।
asthitwa ने बोला, Sir आपको request करना ही नहीं पड़ता। but sir मेरे पास सच मुच् time नहीं है। मेरा पूरा टाइम booked है। 9pm तक students आते हैं। और फिर मेरा भी कुछ study करना होता हे। Sir, hope आप मुझे समझोगे।
Vikram G बोले, अगर मे इतना दूर तुम्हारे पास आया हूँ तो में तुमको बिल्कुल समझूँगा। मुझे पता है तुम्हारा hnosty तुम्हारे loyalty। सब मुझे पता हे। में ऐसे किसीके हाथ अपना बेटा का future नहीं देसकता हूं। तुम्हारे ability का पता है मुझे।
तुम चाहो तो रास्ता भी मिलेगा। और Vikrant का future भी बनेगा।
वो कैसे Sir ??, Asthitwa ने पूछा
तुम हमारे घर रात को आजाओ, वहीं 10PM से Vikrant को पढाना, और खुद का study भी करना। dinner हमारे साथ करना। Morning में तुम return आजाना। मेरे घर यहां से 15min का road हे। मेरे driver तुम को daily pick करेगा 9.45pm को । and listen ये just मेरा एक suggetion हे। decission तुम्हारा होगा। ये बस एक पिता का request हे। तुम सोच के बताना। ये मेरा card हे,
वो card table पे रखे और by बोल के चले गए।
Asthitwa ऐसे देखते ही रहगया। वो एक पिता का request को अब क्या बोलेगा समझ नहीं पाया।
वो खिड़की से बाहर देखा, बाहर vikrant car के पास खड़ा था। वो एक दुशरे को देख रहे थे। फिर Vikram G car के पास पहोंचे। फिर Vikrant गाड़ी चलाने लगा।
वो सोच में पड़ गया। क्या करे।
वेसे भी वो थोड़ा shy type का इंसान है। कैसे किसी के घर पे वो रुकेगा ...
बाहोत सारि अलग अलग भबनाएँ उसके मन मे आता रहा। वो उस रात पड़ नहीं पाया। ऐसे ही वो सो गया।
--------Next Day---university Canteen---
Rahat और Asthitwa cofee पीते हुए बात कर रहे थे। Vikrant भी canteen में था। दूर के table पे अपनी दोस्तो के साथ। Rahat दूर से हाथ हिला के hy किआ Vikrant को।
Rahat:तूमने क्या सोचा ?
Asthitwa : किस बारे मैं ?
Rahat :Vikrant के बारे में
Asthitwa : उनका father काल आये थे मुझसे मिलने। इसी बारे में बात करने।
Rahat: मुझे पता है, उन्होंने मुझे call किआ था । तुम्हारे बारे में वो मुझ से ही details लिए थे।
Asthitwa: क्या तुम उनको पहले से जानते हो ?
Rahat : बिल्कुल, vikrant और में same school से हूँ। हम अच्छे दोस्त हुआ करते थे । But, inter करते करते उसका दोस्ती अलग लोगों से होगया ओर में उस से खुद को दूर करदिया। वक़्त के साथ इंसान भी बदलते हैं, रिस्ते भी बदल ते हैं और अंदाज़ भी बदल जाता है जिंदगी जीने का। same चीज़ हुआ हम दोनों के साथ।
Asthitwa: फिर अब ?
Rahat : फिर क्या, बस अब कुछ दिन पहले मुझ से मिलने आया था मेरे घर। और वही पुरानी बातें हुआ। थोड़ा गिला सिखवा दूर किये। अब normal है । उतना close तो नहीं है। but तुम्हारे बारे में बाहोत कुछ पूछा। और मिलने के लिए बोला। इसीलिए मे मिलाया। थोडासा बदलाब तो मैं भी feel किआ, इसीलिए तुम से मिलवाया।
Asthitwa : और उनका पापा ? वो केस इंसान है ? मुझे बाहोत gentle person लगे। बाहोत frank इंसान है।
Rahat : आरे यार uncle के बारे में क्या बताऊँ, हर किसी को अपना मानते हैं। जब जब उनसे मिला हूं, लगता था ये मेरे पापा क्यों नहीं है।। feeling jelous to Vikrant..
vikrant का हर दोस्त को अपना ही बेटा मान लेते हे। हाथ से खिला देते हैं। मैं उनको बाहोत miss किआ , जितना vikrant को miss नहीं किआ।
Asthitwa : वो अच्छा इंसान हे, Vikrant भी अच्छा ही होगा। But, मैं उनके घर मे रहके Vikrant को पढाना मुझ से नहीं हो पायेगा। उनके घर मे, मैं comfortable नहीं हो पाऊंगा।।
Rahat: okey, lets take your own decission। ये बोल के वो bill देने counter गया।
तभी Asthitwa को एक whatsap msgs आया unknown number से, उसने read kia
उसमे लिखा था,
Asthitwa,
जिंदगी की हर सुबह कुछ
शर्ते लेकर आती है, और
जिंदगी की हर शाम कुछ
तजुर्बे देकर जाती है..!!
mai kya karun ab papa ko aur paresan nehin karna chahta hun. wo mujhse bahot pyar karte hain.
Pata nehin kese apni nature aur character ke oposit bana lia tha khud ko.
Ab mai khud ko sudhar na chahta hun.
Yese bhi khud ko badal raha hun.
but jab padhai ki baat ati hai, mujhe lecturer's aur teacher ki complicated language samajh nehin ata hai.
Isiliye tum se help karne ki request kar raha hun..
Tumhara koi bhi time hoga mai ajaunga.
Jitna kam time desakte ho wo bhi chalega.
Isbar mujhe apni papa ko khus karna hai.
Pata nehin kyun mujhe abhi bhi yesa lagta hai tum mera help karoge...🍁
Vikrant...
Asthitwa पीछे मूड के देखा, Vikrant उसको ही देख राहा हे। उसकी आंखें जेसे एक उम्मीद की चाहत रखे बैठा हे।...
Next part comming soon..
mail Id- kayanehsash@gmail.com
मेरा blog से दुशरी कहानी पढ़ने के लिए आप मेरा blog Id में पढ़ सकते हैं
boyslovestory2021.blogspot.com
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Mind blowing story 😍😍 please next part lao
जवाब देंहटाएंDefinitely , next parat apke liye likha jayega..,,😍
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